एक नारी हूँ
सिसकी सुनकर
किसी ने उससे कहा
तुम क्यों रोती हो ,
ब्यर्थ में क्यों
समय खोती हो ,
सहम कर बोली वह ,
अपनों की उपेक्षा की मारी हूँ ,
अपने ही घरो में बनी बेचारी हूँ ,
कहने को तो सबकी प्यारी हुँ ,
पर उपेक्षित , अपमानित एक नारी हूँ ।।
दोस्ती
अमर शहीद खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी खुदीराम बोस मेदिनपुर के निवासी थे ।बहूवैनी गांव में उनका पैतृक...
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