दिल फ़िदा करते है , कुरबाने जिगर करते है
दिल फ़िदा करते है , कुरबाने जिगर करते है ,
पास जो कुछ है , भारत माता की नजर करते है ,
खाने वीरान कहाँ , देखिये घर करते है,
खुश रहो अहले वतन , हम तो सफर करते है ।।
अत्यचार जब निरंकुश हो कर तांडव नर्तन करने लगता है
तब बलिवेदी पर चढ़ने के लिये तत्पर होने के अतिरिक्त
अन्य उपाय ही क्या है ?
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